Nature vedic heal Benefits of Ayurveda /Ayurvedic diet /Health' A healthy diet can help prevent chronic diseases like heart disease, diabetes,etc.And historical places,Health care tips, ayurvedic knowledge, ayurvedic diet, Ayurvedic Health care, health tips,yoga.Naturevedicheal
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Lucknow model public school summer camp 2023 very lovely performance by all children.....,❤️❤️❤️❤️❤️
Joint pain, arthritis, rheumatism, gout, sciatica, paralysis and bone weakness * बहुत से व्यक्ति जॉइन्ट पैन, गठिया, संधिवात, आमवात, वातरक्त, साइटिका, लकवा और हड्डियों की कमजोरी आदि के लिए शक्तिशाली योग बनाए और लाभ प्राप्त करें।* 🔹 वृहद वात चिंतामणि रस - 500 mg 🔹 शुद्ध कुचला चूर्ण - 500 mg 🔹 महायोगराज गुग्गुलु - 20 ग्राम 🔹 लक्षादी गुग्गुलु - 15 ग्राम 🔹 त्रयोदशांग गुग्गुलु - 15 ग्राम 🔹 अभ्रक भस्म (शतपुटी) - 3 ग्राम 🔹 गोदंती भस्म - 3 ग्राम 🔹 शुद्ध शिलाजीत - 5 ग्राम 🔹 अश्वगंधा चूर्ण - 10 ग्राम 🔹 गिलोय सत्व - 5 ग्राम 🔹समीर पन्नग रस 500mg 🔹रासना चुर्ण 5ग्राम 🔹शंख भस्म 5ग्राम 👉 सभी औषधियों को अच्छी तरह पीसकर महीन चूर्ण बना लें और एकसार कर लें। 👉 इसे कांच या मिट्टी के पात्र में सुरक्षित रखें। 👉 छोटे 250 mg (2 रत्ती) की गोलियां बना सकते हैं या चूर्ण रूप में भी रख सकते हैं। *💊 सेवन विधि* 🔸 1 गोली (250 mg) सुबह-शाम, भोजन के बाद गुनगुने दूध या गर्म पानी के साथ लें। 🔸 तीव्र दर्द में – साथ में अश्वगंधा अर्क 10 ml और दशमूलारिष्ट 10 ml लें। 🔸 अधिक वात विकार या सूज...
कमर दर्द (Pain) आज के समय में बहुत आम समस्या है, जो उम्र, जीवनशैली, पोषण की कमी, गलत बैठने के तरीके, ज्यादा वजन, नसों की कमजोरी या किसी रोग (जैसे सायटिका, स्लिप डिस्क, गठिया आदि) के कारण हो सकता है। आयुर्वेद में इसे "कटिशूल", "त्रिकशूल" या "वातजन्य वेदना" कहा जाता है और इसका मुख्य कारण वात दोष माना गया है। यहाँ आयुर्वेद में कमर दर्द के लिए संभावित उपचारों का विस्तार से विवरण है: 🌿 1. औषधीय उपचार (Herbal/Ayurvedic Medicines) ✅ आंतरिक औषधियाँ (Internal Medicines): •महायोगराज गुग्गुलु– वात दोष को शांत करता है, जोड़ों व नसों के दर्द में लाभकारी। •त्रयोदशांग गुग्गुलु – कमर और पैर के दर्द, सायट\दशमूल क्वाथ/अरिष्ट – वातशामक, सूजन व दर्द में राहत देता है। अश्वगंधा चूर्ण – बलवर्धक व वातनाशक। रास्नादी क्वाथ – शरीर के वात रोगों में विशेष लाभदायक। अभयारिष्ट / अश्वगंधारिष्ट – कमजोरी, गैस और वात समस्याओं के कारण होने वाले कमर दर्द में लाभकारी। - - 🌿 2. बाह्य उपचार (External Therapies) ✅ पंचकर्म चिकित्सा: 1. कटि बस्ती – यह एक विशेष चिकित्सा है जिसमें कमर पर आटे क...
बाल झड़ने के कारण और आयुर्वेदिक हर्बल उपचार Hair loss causes and ayurvedic herbal treatment आजकल बाल झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है। पुरुष हों या महिलाएँ, लगभग हर कोई इस समस्या से परेशान है। गलत खान-पान, तनाव, प्रदूषण और केमिकलयुक्त उत्पादों के कारण बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और धीरे-धीरे बाल गिरने लगते हैं। आधुनिक जीवनशैली में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। परंतु आयुर्वेद और हर्बल उपायों के माध्यम से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। बाल झड़ने के मुख्य कारण 1. तनाव (Stress): लगातार चिंता और तनाव से शरीर का संतुलन बिगड़ता है और बालों की ग्रोथ पर असर पड़ता हैं। 2. गलत आहार: विटामिन, मिनरल और प्रोटीन की कमी से बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। 3. हार्मोनल असंतुलन: महिलाओं में गर्भावस्था, प्रसव और मेन...
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