Nature vedic heal Benefits of Ayurveda /Ayurvedic diet /Health' A healthy diet can help prevent chronic diseases like heart disease, diabetes,etc.And historical places,Health care tips, ayurvedic knowledge, ayurvedic diet, Ayurvedic Health care, health tips,yoga.Naturevedicheal
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आयुर्वेद में गठिया (आर्थराइटिस) का उपचार गठिया (Arthritis) एक आम लेकिन दर्दनाक बीमारी है, जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। आयुर्वेद में इसे "आमवात" कहा जाता है। यह समस्या मुख्य रूप से वात दोष के असंतुलन और शरीर में विषाक्त पदार्थों (आम) के इकट्ठा होने के कारण होती है। आयुर्वेदिक चिकित्सा प्राकृतिक तरीकों, जड़ी-बूटियों, आहार और जीवनशैली में बदलाव के जरिए गठिया का उपचार करती है। गठिया के कारण (Causes) आयुर्वेद के अनुसार गठिया के प्रमुख कारण हैं: •वात दोष का असंतुलन – ठंडी, शुष्क और अस्थिर प्रकृति के कारण वात बढ़ता है। •अमलकारी पदार्थों का सेवन – तली-भुनी, मसालेदार और खट्टी चीज़ें आम बढ़ाती हैं। •पाचन तंत्र की कमजोरी – अपच से बनने वाला आम (विषाक्त पदार्थ) जोड़ों में जमा होकर सूजन और दर्द पैदा करता है। •गलत जीवनशैली – देर रात तक जागना, अनियमित खान-पान और व्यायाम की कमी। लक्षण (Symptoms) जोड़ों में दर्द और सूजन सुबह के समय जकड़न चलने-फिरने में कठिनाई हल्का बुखार और थकान जोड़ों में लालिमा और गर्माहट आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Tr...
Joint pain, arthritis, rheumatism, gout, sciatica, paralysis and bone weakness * बहुत से व्यक्ति जॉइन्ट पैन, गठिया, संधिवात, आमवात, वातरक्त, साइटिका, लकवा और हड्डियों की कमजोरी आदि के लिए शक्तिशाली योग बनाए और लाभ प्राप्त करें।* 🔹 वृहद वात चिंतामणि रस - 500 mg 🔹 शुद्ध कुचला चूर्ण - 500 mg 🔹 महायोगराज गुग्गुलु - 20 ग्राम 🔹 लक्षादी गुग्गुलु - 15 ग्राम 🔹 त्रयोदशांग गुग्गुलु - 15 ग्राम 🔹 अभ्रक भस्म (शतपुटी) - 3 ग्राम 🔹 गोदंती भस्म - 3 ग्राम 🔹 शुद्ध शिलाजीत - 5 ग्राम 🔹 अश्वगंधा चूर्ण - 10 ग्राम 🔹 गिलोय सत्व - 5 ग्राम 🔹समीर पन्नग रस 500mg 🔹रासना चुर्ण 5ग्राम 🔹शंख भस्म 5ग्राम 👉 सभी औषधियों को अच्छी तरह पीसकर महीन चूर्ण बना लें और एकसार कर लें। 👉 इसे कांच या मिट्टी के पात्र में सुरक्षित रखें। 👉 छोटे 250 mg (2 रत्ती) की गोलियां बना सकते हैं या चूर्ण रूप में भी रख सकते हैं। *💊 सेवन विधि* 🔸 1 गोली (250 mg) सुबह-शाम, भोजन के बाद गुनगुने दूध या गर्म पानी के साथ लें। 🔸 तीव्र दर्द में – साथ में अश्वगंधा अर्क 10 ml और दशमूलारिष्ट 10 ml लें। 🔸 अधिक वात विकार या सूज...
बाल झड़ने की समस्या और आयुर्वेदिक उपचार (Hair Fall in Ayurveda) बाल झड़ना (केशपात) आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। आयुर्वेद में बालों की सेहत को शरीर के तीन दोषों (वात, पित्त, और कफ) के संतुलन से जोड़ा गया है। जब इन दोषों में असंतुलन होता है, तो इसका असर बालों की जड़ों और स्कैल्प पर पड़ता है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। बाल झड़ने के लक्षण (Symptoms of Hair Fall) 1. बालों का पतला होना: धीरे-धीरे बालों का घनत्व कम हो जाना। 2. गंजापन (Bald Patches): सिर के कुछ हिस्सों पर बालों का गायब होना। 3. कंघी करते समय बालों का टूटना: सामान्य से अधिक बालों का टूटना। 4. स्कैल्प का सूखा और परतदार होना: खुजली और रूसी का बनना। 5. बालों का समय से पहले सफेद होना: युवावस्था में ही बालों का सफेद होना। 6. जड़ों का कमजोर होना: हल्के खिंचाव पर भी बाल टूट जाना। बाल झड़ने के कारण (Causes of Hair Fall in Ayurveda) 1. पित्त दोष का असंतुलन: तीखा, तला-भुना और मसालेदार भोजन अधिक खाना। अत्यधिक तनाव और गुस्सा। 2. वात दोष का असंतुलन: शारीरिक कमजोरी और पोषण की कमी। बालों की सही देखभाल का अभाव। 3. कफ दोष का प्रभाव...
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