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पीलिया (Jaundice) का आयुर्वेदिक समाधान (Ayurvedic solution for jaundice)

        पीलिया (Jaundice) का आयुर्वेदिक समाधान पीलिया एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है जो मुख्य रूप से यकृत (लिवर) की कमजोरी या उसके सही ढंग से काम न करने के कारण होती है। आयुर्वेद में इसे "कामला रोग" के नाम से जाना जाता है। पीलिया में त्वचा, आँखें और नाखून पीले हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण शरीर में बिलीरुबिन (bilirubin) का असंतुलन है। पीलिया के लक्षणों में थकान, भूख न लगना, पेट में दर्द, कमजोरी और कभी-कभी बुखार शामिल होते हैं। आयुर्वेद में इस रोग का उपचार प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से किया जाता है। पीलिया के कारण • यकृत की कमजोरी • पित्त दोष का असंतुलन • अत्यधिक शराब का सेवन • अस्वस्थ आहार और जीवनशैली • वायरल इंफेक्शन (हेपेटाइटिस A, B, C) आयुर्वेदिक दृष्टिकोण आयुर्वेद के अनुसार, पीलिया मुख्य रूप से पित्त दोष के कारण होता है। जब पित्त दोष में असंतुलन आता है, तो यह यकृत को प्रभावित करता है और पाचन क्रिया में गड़बड़ी करता है। आयुर्वेद में यकृत की सफाई और पाचन तंत्र को सुधारने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं। आयुर्वेदिक उपचार 1. भृंगराज (Eclipta ...

बालों को लंबा और घना बनाने के आयुर्वेदिक उपाय (make hair long and thick)

  बालों को लंबा और घना बनाने के आयुर्वेदिक उपाय घने और लंबे बाल हर किसी का सपना होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, स्वस्थ और घने बाल तभी संभव हैं जब शरीर और मन दोनों स्वस्थ हों। बालों का स्वास्थ्य वात, पित्त, और कफ दोष के संतुलन पर निर्भर करता है। असंतुलन होने पर बाल झड़ने लगते हैं, कमजोर हो जाते हैं या उनकी ग्रोथ रुक जाती है। आयुर्वेदिक उपाय न केवल बालों की समस्याओं का समाधान करते हैं, बल्कि बालों को प्राकृतिक रूप से लंबा और घना बनाने में भी मदद करते हैं। बालों के गिरने और कमजोर होने के कारण 1. पोषण की कमी: प्रोटीन, विटामिन, और खनिज की कमी बालों को कमजोर बनाती है। 2. पित्त दोष का असंतुलन: अधिक गर्म या तला-भुना खाना खाने से बाल कमजोर होते हैं। 3. अत्यधिक तनाव: मानसिक तनाव बालों के झड़ने और उनकी ग्रोथ रुकने का कारण बनता है। 4. रासायनिक उत्पाद: शैंपू, कंडीशनर और हेयर कलर जैसे रसायन बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। 5. जीवनशैली: नींद की कमी, पानी की कमी, और प्रदूषण बालों को कमजोर करते हैं। आयुर्वेदिक तरीके बालों को लंबा और घना बनाने के लिए 1. आयुर्वेदिक तेल मालिश (Oil Massage): बालों की ग्र...

रूसी ( hair Dandruff) उपचार/ बाल झड़ने की समस्या Ayurveda

                      रूसी (Dandruff) परिचय :-  रुसी सिर में मरी हुई त्वचा के कण होते हैं, जो नई त्वचा के आने से हटते रहते हैं। इन्हीं कणों को रूसी कहते हैं। यह रोग स्त्री और पुरुष दोनों में ही पाया जाता है। ज्यादातर लोगों को यह पता नहीं होता कि उनके बालों में होने वाली रूसी तैलीय है या रूखी। रूखी रूसी के कण बहुत ही छोटे होते हैं, जो सिर की त्वचा से चिपके या बालों में फैले रहते हैं। ऐसी रूसी में बहुत खुजली होती है। जबकि तैलीय रूसी छोटे कणों के साथ सीबम से मिली होती है। कई बार रूसी ज्यादा हो जाने से बालों का गिरना भी शुरू हो जाता है।      रूसी बालों की सबसे बड़ी दुश्मन है। इसके कारण बाल अपना आकर्षण खो देते हैं। इस रोग के कारण सिर पर खुश्की होकर सफेद-सफेद रूसी बालों में हो जाती है। जब बालों में ब्रश या कंघा करते हैं या बालों को रगड़ते हैं तो यह बालों से निकलकर बाहर गिरने लगती है। यह खोपड़ी पर दाने या पपड़ी के रूप में भी निकल सकती है। यदि इन्हें बालों से बाहर न निकाला जाए तो यह वहां के रोमकूपों को बंद कर देती है।  ...

आयुर्वेद से ऊंचाई बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय(Natural remedies to increase height with Ayurveda)

  आयुर्वेद से ऊंचाई बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय आयुर्वेद, प्राचीन भारतीय चिकित्सा प्रणाली, न केवल रोगों को ठीक करने के लिए जानी जाती है, बल्कि यह शरीर के समग्र विकास और संतुलन को भी बढ़ावा देती है। यदि आप अपनी ऊंचाई बढ़ाना चाहते हैं, तो आयुर्वेदिक उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह जानना ज़रूरी है कि ऊंचाई मुख्यतः आनुवंशिक कारणों पर निर्भर करती है, लेकिन सही आहार, व्यायाम, और जीवनशैली से इसे बेहतर बनाया जा सकता है। ऊंचाई बढ़ाने में आयुर्वेद का दृष्टिकोण आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का विकास वात, पित्त और कफ दोषों के संतुलन पर निर्भर करता है। अगर ये दोष संतुलित हैं, तो शरीर का विकास सही ढंग से होता है। आयुर्वेद में विशेष जड़ी-बूटियों, आहार, और योग को अपनाकर हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में सुधार किया जा सकता है। 1. आयुर्वेदिक आहार और जड़ी-बूटियां आहार शरीर के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद में निम्नलिखित जड़ी-बूटियों और खाद्य पदार्थों को ऊंचाई बढ़ाने में सहायक माना गया है: अश्वगंधा अश्वगंधा (Withania Somnifera), जिसे "भारतीय जिनसेंग" भी कहते हैं, शरीर की...

सर्दियों में स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक टिप्स(Ayurvedic tips for health in winter)

  सर्दियों में स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक टिप्स सर्दियों का मौसम जहां ठंडक और आरामदायक अनुभव देता है, वहीं यह शरीर को ठंड से बचाने और बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए विशेष ध्यान देने का भी समय है। आयुर्वेद, जो एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, सर्दियों में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक टिप्स दिए जा रहे हैं। --- 1. आहार का ध्यान रखें:- सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा प्रदान करने के लिए विशेष प्रकार के आहार की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में पाचन शक्ति बढ़ जाती है, इसलिए पौष्टिक और भारी भोजन को आसानी से पचाया जा सकता है। गर्म और ताजा खाना खाएं: सर्दियों में ताजा पका हुआ गर्म भोजन करें। ठंडा और बासी खाना खाने से बचें। सूप और दलिया: मसूर, मूंग, और सब्जियों से बना गर्म सूप पाचन को बढ़ावा देता है। गुड़ और तिल: तिल और गुड़ से बनी चीजें जैसे लड्डू शरीर को गर्म रखते हैं और त्वचा को मुलायम बनाते हैं। ड्राई फ्रूट्स: बादाम, अखरोट, और किशमिश का सेवन करें। ये शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं। घी और मक्खन: देसी घी और मक्खन का सीमित मात्रा में उपयोग करना लाभका...

बाल झड़ने की समस्या और आयुर्वेदिक उपचार (Hair Fall in Ayurveda)

  बाल झड़ने की समस्या और आयुर्वेदिक उपचार (Hair Fall in Ayurveda) बाल झड़ना (केशपात) आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। आयुर्वेद में बालों की सेहत को शरीर के तीन दोषों (वात, पित्त, और कफ) के संतुलन से जोड़ा गया है। जब इन दोषों में असंतुलन होता है, तो इसका असर बालों की जड़ों और स्कैल्प पर पड़ता है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। बाल झड़ने के लक्षण (Symptoms of Hair Fall) 1. बालों का पतला होना: धीरे-धीरे बालों का घनत्व कम हो जाना। 2. गंजापन (Bald Patches): सिर के कुछ हिस्सों पर बालों का गायब होना। 3. कंघी करते समय बालों का टूटना: सामान्य से अधिक बालों का टूटना। 4. स्कैल्प का सूखा और परतदार होना: खुजली और रूसी का बनना। 5. बालों का समय से पहले सफेद होना: युवावस्था में ही बालों का सफेद होना। 6. जड़ों का कमजोर होना: हल्के खिंचाव पर भी बाल टूट जाना। बाल झड़ने के कारण (Causes of Hair Fall in Ayurveda) 1. पित्त दोष का असंतुलन: तीखा, तला-भुना और मसालेदार भोजन अधिक खाना। अत्यधिक तनाव और गुस्सा। 2. वात दोष का असंतुलन: शारीरिक कमजोरी और पोषण की कमी। बालों की सही देखभाल का अभाव। 3. कफ दोष का प्रभाव...

Ayurvedic knowledge unsustainable velocity (अधारणीय वेग)

  अधारणीय वेग( (वे वेग जो कभी नहीं रोकना चाहिए) १३ प्रकार के वेग किसी न किसी शरीर क्रिया से संम्बन्धित है जो स्वभाविक होते हैं। उन्हें यदि रोका जाता हैं तो अनेको व्याधियाँ उत्पन्न हो जाती है। जिन्हें बुद्धिमान व्यक्ति कभी नहीं रोकते है। •>मूत्र रोकने से होने वाले रोग मूत्र कृच्छ, पेशाब में जलन, पेडू में दर्द, शिर में वेदना। •>पुरीष (मल) वेग को रोकने से होने वाले रोग सिर में दर्द, कोष्ठ वद्धता, आध् मान, उदरशूल। •>शुक्रवेग को रोकने से होने वाले रोग वृषण में दर्द, अंगमर्द, हृदय में वेदना, मूत्र का रूक-रूक कर आना। •>अपान वायु के वेग को रोकने से होने वाले रोग वात व्याधियाँ, कब्ज, उदर शूल, थकान, आध्मान। •>वमन का वेग को रोकने से होने वाले रोग कण्डू, भोजन में अरूचि, पाण्डू, ज्वर, चर्म विकार। •>छींक का वेग रोकने से होने वाले रोग शिरःशूल, जीर्ण, प्रतिश्याय, अर्दित। •>डकार के वेग को रोकने से होने वाले रोग हृदय और छाती में जकड़ाहट। हिचकी, श्वास, भोजन में अरूचि •>जम्हाई के वेग को रोकने से होने वाले रोग आक्षेप, शून्यता, शरीर तथा हाँथ पैरो में कम्प, उर्ध्वजत्रगुत रोग। •...

Ayurvedic knowledge शयन के नियम/Bedtime Rules

             *शयन के नियम/Bedtime Rules :-* 1. *सूने तथा निर्जन* घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। *देव मन्दिर* और *श्मशान* में भी नहीं सोना चाहिए। *(मनुस्मृति)* 2. किसी सोए हुए मनुष्य को *अचानक* नहीं जगाना चाहिए। *(विष्णुस्मृति)* 3. *विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल*, यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों, तो *इन्हें जगा* देना चाहिए। *(चाणक्यनीति)* 4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु *ब्रह्ममुहुर्त* में उठना चाहिए। *(देवीभागवत)* बिल्कुल *अँधेरे* कमरे में नहीं सोना चाहिए। *(पद्मपुराण)* 5. *भीगे* पैर नहीं सोना चाहिए। *सूखे पैर* सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। *(अत्रिस्मृति)* टूटी खाट पर तथा *जूठे मुँह* सोना वर्जित है। *(महाभारत)* 6. *”नग्न होकर/निर्वस्त्र”* नहीं सोना चाहिए। *(गौतम धर्म सूत्र)* 7. पूर्व की ओर सिर करके सोने से *विद्या*, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से *प्रबल चिन्ता*, उत्तर की ओर सिर करके सोने से *हानि व मृत्यु* तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से *धन व आयु* की प्राप्ति होती है। *(आचारमय़ूख)* 8. दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु *ज्येष्ठ मास* में द...

Ayurvedic knowledge

❤️❤️          चूना:- (Pan ke saath Khane wala) 💜चूना अकेले ही 70 बीमारियां ठीक करता है 💚गेंहू के दाने के बराबर चूना,गन्ने के रस में, गुड़ में आदि सर्वोत्तम है 💚खाली पेट चुना खाये तो सबसे अधिक लाभ है, रस या गुड़ के साथ 💚खून की कमी हो,तो अनार के रस में चूना मिलाकर खाये 💚जिस किसी को पीलिया हो, गन्ने के रस में गेंहू के दाने के बराबर प्रतिदिन चुना दे, पीलिया बहुत जल्दी ठीक होता है 💚अगर किसी को लीवर मे सुजन आ जाए तो चुने से सबसे जल्दी ठीक होता है 💚जिन्होंने शराब पी पी के अपने लीवर खराब कर लिए है, उनकी सबसे अच्छी दवा चुना है 💚यदि गन्ने का रस ना हो तो गुड़ में मिलाकर चूना दे 💚जिन बच्चों की लंबाई नही बढ़ रही हो, उन्हें गन्ने के रस या गुड़, या दाल या दही या फिर हल्के गुनगुने पानी में गेंहू के दाने के बराबर चूना दे, 1 साल तक 💚जो बच्चे दिमाग से थोड़े कमजोर बच्चे होता है या जो देर मे सुनते औऱ समझते है,या देर में चलना सीखते है उन्हें भी 2 साल लगातार चूना दे 💚जो बच्चे बहुत कमजोर है, जिनकी हड्डियाँ दिखाई देती है, ऐसे बच्चो के लिए चुना सबसे अच्छी दवा है 💚किसी को भी दांत मे...

Knowledge of Ayurveda.

                   *अगर ब्लैडर चोक हो जाए...*            मूत्राशय भरा हुआ है,  और पेशाब नहीं हो रहा है,  या पेशाब करने में असमर्थ हो रहे हैं.. तो क्या करें?? 👉 यह एक प्रसिद्ध एलोपैथी चिकित्सक 70 वर्षीय ईएनटी विशेषज्ञ का अनुभव है।   आइए सुनते हैं अनुठा अनुभव..👉    एक सुबह वे अचानक उठे। उन्हें मुत्रत्याग करने की जरूरत थी, लेकिन वे कर नहीं सके (कुछ लोगों को बाद की उम्र में कभी-कभी यह समस्या होती है)। उन्होंने बार-बार कोशिश की, लेकिन लगातार कोशिश नाकाम रही। तब उन्होंने महसूस किया कि एक समस्या खड़ी हो गयी है। एक डॉक्टर होने के नाते, वे ऐसी शारीरिक समस्याओं से अछूते नहीं थे; उनका निचला पेट भारी हो गया। बैठना या खड़े़ रहना दुस्वार होने लगा, तल-पेट में दबाव बढ़ने लगा । तब उन्होंने एक जाने-माने यूरोलॉजिस्ट को फोन पर बुलाया और स्थिति के बारे में बताया। मूत्र-रोग विशेषज्ञ ने उत्तर दिया: "मैं इस समय एक बाहरी क्षेत्र के अस्पताल में हूँ, और आपके क्षेत्र के क्लिनिक में दो घंटे में पहुँच पा...