संदेश

Historical Cities In India Tourist places लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ayurvedic knowledge बालों का सफेद होना (Hair Greying)

  बालों का सफेद होना (Hair Greying) बालों का सफेद होना (Hair Greying)   परिचय:- वैसे देखा जाए तो बढ़ती उम्र के साथ-साथ बालों का सफेद होना आम बात है, लेकिन समय से पहले बालों का सफेद हो जाना एक प्रकार का रोग है। जब यह रोग किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसके बाल दिनों दिन सफेद होने लगते हैं। बालों का सफेद होना एक चिंता का विषय है और विशेषकर महिलाओं के लिए। यदि बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं तो व्यक्ति की चेहरे की सुन्दरता अच्छी नहीं लगती है। इसलिए बालों के सफेद होने पर इसका इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से किया जा सकता है।     बालों के सफेद होने का कारण:-  1. असंतुलित भोजन तथा भोजन में विटामिन `बी´, लोहतत्व, तांबा और आयोडीन की कमी होने के कारण बाल सफेद हो जाते हैं।    2. मानसिक चिंता करने के कारण भी बाल सफेद होने लगते हैं।    3. सिर की सही तरीके से सफाई न करने के कारण भी व्यक्ति के बाल सफेद होने लगते हैं।  4. कई प्रकार के रोग जैसे- साईनस, पुरानी कब्ज, रक्त का सही संचारण न होना आदि के कारण बाल सफेद हो सकते हैं।  5. रसायनयुक्त शैम्पू, साबुन, त...

Ayurvedic knowledge शयन के नियम/Bedtime Rules

             *शयन के नियम/Bedtime Rules :-* 1. *सूने तथा निर्जन* घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। *देव मन्दिर* और *श्मशान* में भी नहीं सोना चाहिए। *(मनुस्मृति)* 2. किसी सोए हुए मनुष्य को *अचानक* नहीं जगाना चाहिए। *(विष्णुस्मृति)* 3. *विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल*, यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों, तो *इन्हें जगा* देना चाहिए। *(चाणक्यनीति)* 4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु *ब्रह्ममुहुर्त* में उठना चाहिए। *(देवीभागवत)* बिल्कुल *अँधेरे* कमरे में नहीं सोना चाहिए। *(पद्मपुराण)* 5. *भीगे* पैर नहीं सोना चाहिए। *सूखे पैर* सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। *(अत्रिस्मृति)* टूटी खाट पर तथा *जूठे मुँह* सोना वर्जित है। *(महाभारत)* 6. *”नग्न होकर/निर्वस्त्र”* नहीं सोना चाहिए। *(गौतम धर्म सूत्र)* 7. पूर्व की ओर सिर करके सोने से *विद्या*, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से *प्रबल चिन्ता*, उत्तर की ओर सिर करके सोने से *हानि व मृत्यु* तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से *धन व आयु* की प्राप्ति होती है। *(आचारमय़ूख)* 8. दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु *ज्येष्ठ मास* में द...

Ayurvedic knowledge

❤️❤️          चूना:- (Pan ke saath Khane wala) 💜चूना अकेले ही 70 बीमारियां ठीक करता है 💚गेंहू के दाने के बराबर चूना,गन्ने के रस में, गुड़ में आदि सर्वोत्तम है 💚खाली पेट चुना खाये तो सबसे अधिक लाभ है, रस या गुड़ के साथ 💚खून की कमी हो,तो अनार के रस में चूना मिलाकर खाये 💚जिस किसी को पीलिया हो, गन्ने के रस में गेंहू के दाने के बराबर प्रतिदिन चुना दे, पीलिया बहुत जल्दी ठीक होता है 💚अगर किसी को लीवर मे सुजन आ जाए तो चुने से सबसे जल्दी ठीक होता है 💚जिन्होंने शराब पी पी के अपने लीवर खराब कर लिए है, उनकी सबसे अच्छी दवा चुना है 💚यदि गन्ने का रस ना हो तो गुड़ में मिलाकर चूना दे 💚जिन बच्चों की लंबाई नही बढ़ रही हो, उन्हें गन्ने के रस या गुड़, या दाल या दही या फिर हल्के गुनगुने पानी में गेंहू के दाने के बराबर चूना दे, 1 साल तक 💚जो बच्चे दिमाग से थोड़े कमजोर बच्चे होता है या जो देर मे सुनते औऱ समझते है,या देर में चलना सीखते है उन्हें भी 2 साल लगातार चूना दे 💚जो बच्चे बहुत कमजोर है, जिनकी हड्डियाँ दिखाई देती है, ऐसे बच्चो के लिए चुना सबसे अच्छी दवा है 💚किसी को भी दांत मे...

Ayurveda

                              Navel/नाभि:- 💚गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है। 💚गर्भधारण के नौ महीनों अर्थात 270 दिन बाद एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है। नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है। इसलिए नाभी एक अद्भुत भाग है। 💚नाभी के पीछे की ओर पेचूटी या navel button होता है।जिसमें 72000 से भी अधिक रक्त धमनियां स्थित होती है 💚हमारी नाभी को मालूम रहता है कि हमारी कौनसी रक्तवाहिनी सूख रही है,इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है। 💚जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब हम हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था।बस यही काम है तेल का। 💚नाभी में गाय का शुध्द घी या तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है। 💜आँखों का शुष्क हो जाना:- नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये सोने से पहले 3 से 7 बूँदें श...

Knowledge of Ayurveda... chest pain

सीने में दर्द के लिए उपाय:- •ऐसी चीजें न खाए जो एसिड को बढ़ाती हो •सीने में दर्द हमेशा हार्ट अटैक का मामला नहीं होता, सीने या छाती में दर्द के और भी कई कारण हो सकते हैं, एसीडिटी, सर्दी, कफ, तनाव, गैस, बदहजमी और धूम्रपान से भी छाती में दर्द होती है। •वैसे जब कभी भी छाती में दर्द हो तो तत्काल ड़ॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ,ताकि हार्ट अटैक की शंका को दूर किया जा सके। ,हार्ट अटैक में छाती की दर्द को एंजाइना कहते हैं जो कोरोनरी आर्टरी में रक्त के प्रवाह की प्रक्रिया बाधित होने या बलगम की वजह से उत्पन्न अवरोध के कारण होता है इसलिये छाती के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए भले ही वह गैस या एसिडिटी का दर्द ही क्यों न हो, अगर आप यह पता लगा लेते हैं कि दर्द हार्ट अटैक की नहीं बल्कि अन्य वजह से है तो इसके घरेलू इलाज आप कर सकते हैं। •लहसुन (Garlic)- लहसुन को वंडर मेडिसीन कहा गया है जो हर तरह की बिमारियों में रामबाण का काम करता है। सेहत के लिए तो रामबाण है ही हार्ट के लिए तो सबसे ज्यादा लाभकारी है। लहसुन में कई तरह के विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, र...

12 Historical Cities In India That Exist Since Ancient Times

चित्र
12 Historical Cities In India That Exist Since Ancient Times These popular ancient cities of India give a peek into the history and take you back through time. 1.Varanasi. Varanasi, also known as Kashi or Banaras, is one of the world's oldest cities, with a history stretching over 3,000 years. Nestled along the holy Ganges River, it's a revered pilgrimage site for Hindus, known as the city of Lord Shiva. The ghats, lined with temples and shrines, come alive with daily rituals, aarti ceremonies, and cremations believed to grant moksha, or liberation from the cycle of rebirth. From the stunning Kashi Vishwanath Temple to the historic streets brimming with culture, Varanasi is a spiritual, cultural, and historic heart of India, where traditions and timeless wisdom continue to inspire visitors. 2. Jaipur, Rajasthan Founded in 1727 by Maharaja Sawai Jai Singh II, Jaipur is known as the Pink City due to the distinctive colour of its buildings. However, its roots trace back to earl...